Tulsi ke patton se cancer ki chikitsa. - saujany se - India Tv.
G1
शुक्रवार, 4 अगस्त 2017
शनिवार, 10 जून 2017
शनिवार, 27 मई 2017
रविवार, 23 अप्रैल 2017
रविवार, 5 मार्च 2017
Some important & intresting information about human body.
Some important and intresting information about human body.
Number of bones - 206.
Number of ribs - 26.
Number of bones in skull - 22.
Number of bones in face - 14.
Number of bones in neck - 7.
Number of bones in vertebral column - 33.
Number of bones in hand - 30.
Number of Cranial Nerves - 12 pairs.
Number of Spinal Nerves - 31 pairs.
Number of Pulse - 70 - 72 times / Minute.
Number of Heart-beats
- 70 - 72 times / Minute.
Life span of R. B. C - 120 days.
Life span of W. B. C - 10 - 15 days.
Life span of Platelets - 5 - 9 days.
Blood pressure - 120/80 mmHg.
Total Volume of Blood - 5 - 6 Liter.
Number of bones - 206.
Number of ribs - 26.
Number of bones in skull - 22.
Number of bones in face - 14.
Number of bones in neck - 7.
Number of bones in vertebral column - 33.
Number of bones in hand - 30.
Number of Cranial Nerves - 12 pairs.
Number of Spinal Nerves - 31 pairs.
Number of Pulse - 70 - 72 times / Minute.
Number of Heart-beats
- 70 - 72 times / Minute.
Life span of R. B. C - 120 days.
Life span of W. B. C - 10 - 15 days.
Life span of Platelets - 5 - 9 days.
Blood pressure - 120/80 mmHg.
Total Volume of Blood - 5 - 6 Liter.
शनिवार, 25 फ़रवरी 2017
समाचार पत्र या पत्रिका के पन्नों पर खाना गंभीर समस्या को नेवता
समाचार पत्र या पत्रिका के पन्नों पर खाना गंभीर समस्या सिद्ध हो सकता है - जानें कैसे ?
समाचार पत्र या पत्रिका की छपाई में जो स्याही प्रयोग की जाती है वो बहुत ही हानिकारक होती है. इसमें बेंजीडाइन, नेपथाइलनेमाइल, अमाइनोबाईफेनाइल जैसे विषैले रसायन होते हैं. खाने पीने की गर्म और तली चीजों में ये स्याही बड़ी सरलता से और जल्दी चिपक जाते हैं । ये इतना हानिकारक रसायन है की इससे फेफड़ों को हानि के साथ-साथ ब्लैडर कैंसर तक तक हो सकता है ।
समाचार पत्र या पत्रिका की छपाई में जो स्याही प्रयोग की जाती है वो बहुत ही हानिकारक होती है. इसमें बेंजीडाइन, नेपथाइलनेमाइल, अमाइनोबाईफेनाइल जैसे विषैले रसायन होते हैं. खाने पीने की गर्म और तली चीजों में ये स्याही बड़ी सरलता से और जल्दी चिपक जाते हैं । ये इतना हानिकारक रसायन है की इससे फेफड़ों को हानि के साथ-साथ ब्लैडर कैंसर तक तक हो सकता है ।
शनिवार, 4 फ़रवरी 2017
4 फरवरी विश्व कैंसर दिवस
एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रति वर्ष विभिन्न प्रकार के कैंसर और मृत्यु दर के लिहाज से कलेजे के कैंसर/6,10,000, फेफड़ा के कैंसर/1.3 मिलीयन, कोलोरेक्टल के कैंसर/6,39,000, पेट का कैंसर/8,03,000, स्तन कैंसर/5,19,000 आदि के लोग (मध्यम और निम्न आय) शामिल हैं।
मधुमेह एवं हाई इन्सुलिन भी कैंसर के कारण बनते जा रहे हैं , इसके कारण भी महिलाओं में स्तन कैंसर और मलाशय कैंसर के पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है । पहले कैंसर की समस्या 60 वर्ष की आयु के बाद देखने को मिलती थी लेकिन अब 20 से 40 वर्ष के युवा भी इससे बड़ी सरलता से पीड़ित होते जा रहे हैं ।
समाधान हेतु व्हाट्सअप करें - 7004015174.
कैंसर जैसी गंभीर व्याधि से बचने के लिए कुछ सुझाव इस प्रकार है -
👌 स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाएं ।
👌 फास्टफूड के प्रयोग से बचें ।
👌 धूम्रपान एवं शराब के सेवन से बचें ।
👌 अपने शरीर के वजन को नियंत्रण में रखें ।
👌 नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच कराते रहें ।
👌 अधिक फाइबरयुक्त स्वास्थ्यकर आहार का सेवन करें ।
👌 योग एवं ध्यान की सहायता से तनाव को दूर करें ।
💐💐 आग्रह :- मित्रों यदि आपको यह पोस्ट अच्छा लग रहा हो तो इसे नीचे दिए बटनों द्वारा Like और Share अवश्य करें ताकि अधिक से अधिक व्यक्ति इस पोस्ट को पढ़ सकें हो सकता आपके किसी मित्र या किसी पारिवारिक सदस्यों को इसकी आवश्यकता हो और यदि किसी को इस post से सहायता मिलती है तो आप को धन्यवाद अवश्य देगा.
Dear Visitors, आप जिस विषय को भी Search या खोज कर रहे है अगर वो आपको नहीं मिला या अधुरा मिला है या मिला है लेकिन कोई कमी है तो तुरंत नीचे कमेंट डाल कर सूचित करें, आपको तुरंत सही और सटीक सूचना आपके इच्छित विषय से सम्बंधित दी जाएगी.
इस तरह के व्यवहार के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !
प्रार्थनीय - www.hmoeopathydrprakash.blogspot.in
एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रति वर्ष विभिन्न प्रकार के कैंसर और मृत्यु दर के लिहाज से कलेजे के कैंसर/6,10,000, फेफड़ा के कैंसर/1.3 मिलीयन, कोलोरेक्टल के कैंसर/6,39,000, पेट का कैंसर/8,03,000, स्तन कैंसर/5,19,000 आदि के लोग (मध्यम और निम्न आय) शामिल हैं।
मधुमेह एवं हाई इन्सुलिन भी कैंसर के कारण बनते जा रहे हैं , इसके कारण भी महिलाओं में स्तन कैंसर और मलाशय कैंसर के पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है । पहले कैंसर की समस्या 60 वर्ष की आयु के बाद देखने को मिलती थी लेकिन अब 20 से 40 वर्ष के युवा भी इससे बड़ी सरलता से पीड़ित होते जा रहे हैं ।
समाधान हेतु व्हाट्सअप करें - 7004015174.
कैंसर जैसी गंभीर व्याधि से बचने के लिए कुछ सुझाव इस प्रकार है -
👌 स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाएं ।
👌 फास्टफूड के प्रयोग से बचें ।
👌 धूम्रपान एवं शराब के सेवन से बचें ।
👌 अपने शरीर के वजन को नियंत्रण में रखें ।
👌 नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच कराते रहें ।
👌 अधिक फाइबरयुक्त स्वास्थ्यकर आहार का सेवन करें ।
👌 योग एवं ध्यान की सहायता से तनाव को दूर करें ।
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