खुजली एक त्वचा रोग है, जिससे ब्याक्ति काफी परेशान और निराश हो जाता है। खुजली के लिए सबसे कारगर उपाय है तेल की मालिश जिससे रूखी और बेजान त्वचा को नमी मिलती है।
खुजली चार प्रकार की होती है :-
1. बिना दानों के खुजली
2. दाने वाली खुजली
3. बिना दाने या दाने वाली खुजली के कारण खुजली के अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं। खुजली पूरी त्वचा, सिर, मुंखपांव अंगुलियों, नाक, हाथ या प्रजनन अंग आदि अंगों में हो जाती है। खुजली अधिकतर इन्हीं स्थानों पर होती है।
4. बिना दानों वाली या दानों वाली खुजली खुश्क या तर हो सकती है।
दाने या बिना दाने वाली खुजली भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में भिन्न भिन्न प्रकार की हो सकती हैं। कोई खुजली स्नान के बाद कम हो जाती है, कोई रात को कपड़े बदलते समय बढ़ जाती है, कोई गर्म सेंक से घटती है, कोई स्थान बदल देती है। एक जगह खुजली ठीक होती ही दूसरी जगह होने लगती है। किसी खुजली में खुजलाते खुजलाते खून निकलने लगता है।
🌿 सवेरे खाली पेट 30-35 ग्राम नीम का रस पीने से चर्म रोगों में लाभ होता है, क्योंकि नीम का रस रक्त को साफ करता है।
👌 थोडा सा कपूर लेकर उसमें दो बड़े चम्मच नारियल का तेल मिलाकर खुजली वाले स्थान पर नियमित लगाने से खुजली मिट जाती है। हां, तेल को हल्का सा गरम करके ही कपूर में मिलाए।
☺ खुजली होने पर प्राथमिक सावधानी के तौर पर सफाई का पूरा ध्यान रखिए।
👉 शुष्क त्वचा (Dry Skin)- ड्राई स्किन वाले लोगों को खुजली की शिकायत ज्यादा होती है। उन्हें तापमान अनुकूल नहीं मिलने की वजह से भी परेशानी होती है। गर्मी में अधिक ताप होने से हर समय पसीना आता रहता है। बाहर से घर लौटने पर सारा शरीर पसीने से भीगा होता है, लेकिन एसी, पंखे व कूलर की ठंडी हवा से कुछ देर में पसीना सूख जाता है। शरीर पर पसीना सूख जाने से खुजली होती है
👉 शुष्क त्वचा (Dry Skin)- ड्राई स्किन वाले लोगों को खुजली की शिकायत ज्यादा होती है। उन्हें तापमान अनुकूल नहीं मिलने की वजह से भी परेशानी होती है। गर्मी में अधिक ताप होने से हर समय पसीना आता रहता है। बाहर से घर लौटने पर सारा शरीर पसीने से भीगा होता है, लेकिन एसी, पंखे व कूलर की ठंडी हवा से कुछ देर में पसीना सूख जाता है। शरीर पर पसीना सूख जाने से खुजली होती है
खुजली (Types of Itching Skin)
- बिना दानों के खुजली
- दाने वाली खुजली
- बिना दाने या दाने वाली खुजली के कारण खुजली के अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं। खुजली पूरी त्वचा, सिर, मुख, पांव, अंगुलियों, नाक, हाथ या प्रजनन अंग आदि अंगों में हो जाती है। खुजली अधिकतर इन्हीं स्थानों पर होती है
- बिना दानों वाली या दानों वाली खुजली खुश्क या तर हो सकती है
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