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रविवार, 15 जनवरी 2017

Hiatus hernias


Hiatus hernias.
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💐Hiatus hernias are more common in adults and rare in children.
💐Females after the age of menopause have usually higher incidences.
💐Hiatal hernia, caused by a weakness in the diaphragm.
💐The most common cause for Hiatus Hernia is Obesity and Gastric problems.
💐 It causes pain in chest, gastritis and difficult in eating, Pain in chest while swallowing food.
💐Diagnosis of Hiatus hernia can be done with clinical symptoms along with endoscopy.
💐The aim of homeopathy is not only to treat hernia but to address its underlying cause and individual susceptibility.
💐hiatus hernia can be managed with Homeopathic medicines with respect to symptoms.
💐As far as therapeutic medication is concerned, several remedies are available to treat hernia that can be selected on the basis of cause, sensations and modalities of the complaint.
💐Homeopathic medicines commonly used in cases of Hiatus hernia are Acid nit, Ambra G, Antim crud, Arg Nit, Ars alb, Asafoetida, Baptisia, Borax, Bryonia, Capsicum, Carbo veg, Causticum, China, Cocculus, Colocynth, Condurango, Hydrastis, Ignatia, Ipecac, Iris vers, Kali bich, Lycopodium, Nat mur, Nat phos, Nux Vom, Phosphorus, Pulsatilla, Rhus tox, Robinia, Silicea, Sulphur, Symphytum, etc.
💐These Medicines should be taken under the advice and diagnosis of a qualified Homeopath.
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💐 हर्निया क्यों होता है ?

मनुष्य के शरीर के अंदर कुछ अंग खोखले स्थानों में उपस्थित होते हैं। इन खोखले स्थानों को बॉडी केविटी कहते हैं। दरअसल बॉडी केविटी चमड़ी की झिल्ली से ढकी होती है। जब इन केविटी की झिल्लियां कभी-कभी फट जाती हैं तो अंग का कुछ भाग बाहर निकल जाता है। इस विकृति को ही हर्निया कहा जाता है।
💐 यदि आयु के अनुसार से देखें तो यह या तो 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 40 वर्ष की आयु के बाद इसके होने के संभावना अधिक होते हैं और जैसे जैसे आयु बढती जाती है वैसे वैसे इस व्याधि के होने के संभावना भी बढ़ जाते हैं पर यदि हम शरीर के प्रति जागरूक हैं और नियमितरूप से व्यायाम करते हैं प्राणयाम करते हैं तो हम सभी इस व्याधि से बच सकते हैं ।
💐 हर्निया होने के लक्षण  :-

पेट की चर्बी या आंतों का बाहर की ओर निकलना चमड़ी के नीचे एक उभार अनुभव होना , उभार में दर्द और भारीपन , खड़े रहने, मल-मूत्र त्यागने में परेशानी,  कभी-कभी खांसने से या बहुत बुरी तरह खाँसी होना भी एक कारण हैं। अधिक छींकने से।बहुत अधिक और लगातार उल्टी होने से। दबाव या तनाव या  इसका मुख्य कारण पेट का मोटापा हो सकता हैं।ये गर्भवती स्त्रियो को डिलीवरी के समय अधिक बल लगाने के कारण भी हो सकता हैं।

💐 हर्निया के लिए सरल उपचार -
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💐 1. रोगी को अधिक से अधिक जल घूँट घूँट भर कर पीना चाहिए।

💐 2. अगर पीड़ित का वजन बढ़ा हुआ हैं, तो सब से पहले उसको अपना वजन नियंत्रित करना चाहिए।

💐 3. भोजन करने के तुरंत बाद पीड़ित को सोना नहीं चाहिए, थोड़ी शारीरिक क्रियाकलाप जैसे टहलना इत्यादि अवश्य करें।
💐 4.  एक चम्मच सेब का सिरका भोजन के एक घंटे के बाद एक गिलास पानी में डाल कर धीरे धीरे घूँट घूँट कर के पिए।

💐 5.  प्रातः दोपहर और संध्या समय आधा आधा चम्मच कच्चा जीरा चबा चबा कर खाए, और ऊपर से गुनगुना जल पी ले।

💐 6.  राटी में सोने से पहले एक चम्मच अर्जुन की छाल और एक चौथाई दाल चीनी एक गिलास पानी में आधा रहने तक उबाले और फिर छान कर नित्य पिए।

💐 7. प्रातः खाली पेट एलो वेरा जूस अवश्य पीनी चाहिए, एक गिलास जल में कम से कम ३० मिली एलो वेरा डालिये और इसको घूँट घूँट कर पी लीजिये।

💐 8. संध्या के समय 2 केले प्रतिदिन खाए।

💐 9. तीसी जिसे अलसी (Alsi) भी कहते हैं,  एक सुपर फ़ूड हैं, गर्मियों में 1 चम्मच अलसी के बीज कच्चे या भूने हुए और सर्दियों में ३ चम्मच खाए। इसमें मौजूद ओमेगा-3 (Omega-3) हायटल हर्निया (Haytl hernia)के लिए बहुत लाभदायक हैं।

💐 10. रात्रि में एक चम्मच मेथी दाना एक गिलास पानी में भिगो कर रख दीजिये और प्रातः मेथी दाना चबा चबा कर खा लीजिये और इस पानी को घूँट घूँट कर के पी लीजिये।
💐11. भोजन में जौं (oat) के आटे को शामिल करे।

मेथी दाना और दाल चीनी दोनों ही गर्म हैं, इस लिए गर्मियों में इन दोनों में से सिर्फ एक ही वास्तु का प्रयोग करें ।

💐 12. मार्श मैलो (Marshmallow) : - यह एक जंगली औषधि है जो काफी मीठी होती है। इसके जड़ के काफी औषधीय गुण हैं। यह पाचन को ठीक करता है और पेट-आंत में एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है। हर्निया में भी यह अधिक लाभ पहुंचाता है।

💐 13. बबूने का पुष्प :  -  कैमोमिला (Chamomile)
पेट में हर्निया आने से एसिडिटी और गैस काफी बनने लगती है। इस स्थिति मेंम बबूने के पुष्प के सेवन से आशातीत सफलता मिलता है। यह पाचन तंत्र को ठीक करता है और एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है।
💐 14. हावथोर्निया (Hawthornia) : - यह एक हर्बल सप्लीमेंट है जो पेट की मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाती है और पेट के अंदर के अंगों की सुरक्षा करती है। यह हर्निया को निकलने से रोकने में अति उपयोगी है। हावथोर्निया में Citrus Seed, Hawthorn और Fennel मिली होती है।

💐 हर्निया में इन चीजों को नहीं करें -
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👌 प्रभावित जगह को कभी भी गर्म कपड़े या किसी भी गर्म पदार्थ से सेंक नहीं दें।
👌 हर्निया में कसरत करने से बचें ।
👌 हर्निया में अधिक तंग और टाइट कपड़ें नहीं पहनें।👌 बेड पर अपने तकिए को 6 इंच उपर रखें, ताकि पेट में सोते समय एसिड और गैस नहीं बन पाए।
👌 एक ही बार अधिक मत खाएं, थोड़ी-थोड़ी देर पर हल्का भोजन लें।
👌 खाने के तुरंत बाद झुकें नहीं।शराब पीना पूरी तरह बंद कर दें।
👌 धूम्रापान, शराब का सेवन, मीट मांस, ये सब ना करें ।

👌 चाय कॉफ़ी का सेवन ना करें ।

👌 कभी भी पेट भर कर या भूख से अधिक भोजन ना करे।
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शनिवार, 14 जनवरी 2017

खुजली -
खुजली एक त्‍वचा रोग है, जिससे ब्‍याक्ति काफी परेशान और निराश हो जाता है। खुजली के लिए सबसे कारगर उपाय है तेल की मालिश जिससे रूखी और बेजान त्‍वचा को नमी मिलती है।
खुजली चार प्रकार की होती है :-
1. बिना दानों के खुजली
2. दाने वाली खुजली
3. बिना दाने या दाने वाली खुजली के कारण खुजली के अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं। खुजली पूरी त्वचा, सिर, मुंखपांव अंगुलियों, नाक, हाथ या प्रजनन अंग आदि अंगों में हो जाती है। खुजली अधिकतर इन्हीं स्थानों पर होती है।
4. बिना दानों वाली या दानों वाली खुजली खुश्क या तर हो सकती है।
दाने या बिना दाने वाली खुजली भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में भिन्न भिन्न प्रकार की हो सकती हैं। कोई खुजली स्नान के बाद कम हो जाती है, कोई रात को कपड़े बदलते समय बढ़ जाती है, कोई गर्म सेंक से घटती है, कोई स्थान बदल देती है। एक जगह खुजली ठीक होती ही दूसरी जगह होने लगती है। किसी खुजली में खुजलाते खुजलाते खून निकलने लगता है।
🌿 सवेरे खाली पेट 30-35 ग्राम नीम का रस पीने से चर्म रोगों में लाभ होता है, क्‍योंकि नीम का रस रक्‍त को साफ करता है। 
👌 थोडा सा कपूर लेकर उसमें दो बड़े चम्‍मच नारियल का तेल मिलाकर खुजली वाले स्‍थान पर नियमित लगाने से खुजली मिट जाती है। हां, तेल को हल्‍का सा गरम करके ही कपूर में मिलाए। 
☺ खुजली होने पर प्राथमिक सावधानी के तौर पर सफाई का पूरा ध्‍यान रखिए।

👉 शुष्क त्वचा (Dry Skin)- ड्राई स्किन वाले लोगों को खुजली की शिकायत ज्यादा होती है। उन्हें तापमान अनुकूल नहीं मिलने की वजह से भी परेशानी होती है। गर्मी में अधिक ताप होने से हर समय पसीना आता रहता है। बाहर से घर लौटने पर सारा शरीर पसीने से भीगा होता है, लेकिन एसी, पंखे व कूलर की ठंडी हवा से कुछ देर में पसीना सूख जाता है। शरीर पर पसीना सूख जाने से खुजली होती है
 खुजली (Types of Itching Skin) 
  • बिना दानों के खुजली
  • दाने वाली खुजली
  • बिना दाने या दाने वाली खुजली के कारण खुजली के अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं। खुजली पूरी त्वचा, सिर, मुख, पांव, अंगुलियों, नाक, हाथ या प्रजनन अंग आदि अंगों में हो जाती है। खुजली अधिकतर इन्हीं स्थानों पर होती है
  • बिना दानों वाली या दानों वाली खुजली खुश्क या तर हो सकती है
इन कारणों से होती है खुजली (inशुष्क त्वचा (Dry Skin)- ड्र स्किन वाले लोगों को खुजली की शिकायत ज्यादा होती है। उन्हें तापमान अनुकूल नहीं मिलने की वजह से भी परेशानी होती है। गर्मी में अधिक ताप होने से हर समय पसीना आता रहता है। बाहर से घर लौटने पर सारा शरीर पसीने से भीगा होता है, लेकिन एसी, पंखे व कूलर की ठंडी हवा से कुछ देर में पसीना सूख जाता है। शरीर पर पसीना सूख जाने से खुजली ह्वचा की बीमारी और प्रकृति- आमतौर पर स्किन की बीमारियां खुजली उत्पन्न करती हैं। 


Piles बवासीर

Piles बवासीर

1. Piles Cure Powder - Dhanwantari - 750.00
2. B. C. 17 - 20 gr. - 75.00, 135.00
3. Caps. Zymo rich - Dhanwantari - 1300.00
4. Zymolex Powder - 250 gr - 250.00
5. Aesculas  oint. - 25 gr. - 60.00
6. Sulphur oint. - 25 gr. - 60.00
7. Piles  oint. - 25 gr. - 60.00
8. Pilex  oint. - 25 gr. - 60.00
9. Pilodex  oint. - 25 gr. - 60.00
10. Piles Cure Drops. 30 ml - Jhakson - 100.00
11. 


अनिद्रा insomnia

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1. Alfalfa Tonic - 100 ml - 100.00
2. Alfalfa Tonic - 200 ml - 200.00
3. Alfalfa Tonic - 500 ml - 300.00
4. Moltex - 450 ml - 250.00
5. Immurich Caps. 90 Caps. - Dhanwantari - 1300.00
6. Nirayu Rich - 90 Caps. - Dhanwantari - 1300.00
7.  B. C. 27 - 20 gr. - 75.00, 135.00
8. B. C. 28 - 20 gr. - 75.00, 135.00
9. Narvocalm Drops. HSL - 30 ml - 100
10. Avena Tonic - 100 ml - 100.00
11. 

Pox चेचक

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Mouth apthae मुहँ में छाले

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