धन्वन्तरि चंपारण टीम की तरफ से -
एक दिवसीय धन्वन्तरि चिकित्सा सेवा कार्यक्रम -
आज दिनांक 20.09.17 को
ड़ॉ शम्भू प्रसाद
(M.B.B.S, Pat. )
पेट, छाती, मूत्र एवं शिशु रोग विशेषज्ञ ।
किसी भी प्रकार के नये, पुराने, जटिल एवं गंभीर रोगों को निः शुल्क देख रहें हैं, यदि कोई पीड़ित हो तो उसे सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करें ।
स्थान - ईलम राम चौक, बेतिया ।
(ड़ॉ. प्रकाश, अमेरिकन होम्यो क्लीनिक गली )
समय - प्रातः 10 से संध्या 4 बजे तक ।
संपर्क - 7360087878
Very useful in -
🎆 Immunity disorder.
🎆 Pain relief
🎆 Wounds/Ulcer
🎆 Skin diseases
🎆 Sprain
🎆 Cough
🎆 Oral Hygiene & even in
🎆 Cancer.
For more details please Contact - 7004015174.
भोजन द्वारा स्वास्थ्य की देखभाल -
केला ::-
ब्लडप्रैशर नियंत्रित करता है,
हड्डियों को मजबूत बनाता है,
हृदय की सुरक्षा करता है,
अतिसार में लाभदायक है,
खाँसी में हितकारी है।
जामुन ::-
कैंसर की रोकथाम करता है,
हृदय की सुरक्षा करता है,
कब्ज को मिटाता है,
स्मरण शक्ति बढाता है,
रक्त शर्करा नियंत्रित करता है,
डायबिटीज में अति लाभदायक।
सेव ::-
हृदय की सुरक्षा करता है,
दस्त उपचार से रोकता है,
कब्ज में फ़ायदेमंद है,
फ़ेफ़ड़ों की शक्ति बढाता है।
चुकंदर ::-
शरीर का वजन घटाता है,
ब्लडप्रैशर नियंत्रित करता है,
अस्थिक्षरण रोकता है,
कैंसर के विरुद्ध लडता है,
हृदय की सुरक्षा करता है।
पत्ता गोभी ::-
बवासीर में हितकारी है,
हृदय रोगों में लाभदायक है,
कब्ज को मिटाता है,
वजन घटाने में सहायक है,
कैंसर में फ़ायदेमंद है।
गाजर ::-
नेत्र ज्योति वर्धक है,
कैंसर प्रतिरोधक है,
वजन घटाने में सहायक है,
कब्ज को मिटाती है,
हृदय की सुरक्षा करती है।
फूल गोभी ::-
हड्डियों को मजबूत बनाती है,
स्तन कैंसर से बचाव करती है,
प्रोस्टेट ग्रंथि कैंसर में उपयोगी,
चोंट, खरोंच ठीक करती है
शहद ::-
घाव भरने में उपयोगी है,
पाचन क्रिया सुधारता है,
एलर्जी रोगों में उपकारी है,
अल्सर से मुक्तिकारक है,
तत्काल स्फ़ूर्ती देता है।
नींबू ::-
त्वचा को मुलायम बनाता है,
कैंसर अवरोधक है,
हृदय की सुरक्षा करता है,
ब्लड प्रैशर नियंत्रित करता है,
स्कर्वी रोगनाशक है।
अंगूर ::-
रक्त प्रवाह वर्धक है,
हृदय की सुरक्षा करता है,
कैंसर से लडता है,
गुर्दे की पथरी नष्ट करता है,
नेत्र ज्योतिवर्धक है।
आम ::-
कैंसर से बचाव करता है,
थायराईड रोग में हितकारी है,
पाचन शक्ति बढाता है,
याददाश्त कमजोरी में हितकर।
अलसी के बीज ::-
मानसिक शक्ति वर्धक है,
रोग प्रतिरोध शक्ति को बढ़ते हैं,
डायबिटीज में उपकारी है,
हृदय की सुरक्षा करता है,
डायजैशन को ठीक करते हैं।
संतरा ::-
हृदय की सुरक्षा करता है,
रोग प्रतिरोध शक्ति बढ़ाता है,
श्वसन विकारों में लाभकारी है,
कैंसर में हितकारी है।
टमाटर ::-
कोलेस्टरोल कम करता है,
प्रोस्टेट ग्रंथि सुधार में उपकारी है,
कैंसर से बचाव करता है,
हृदय की सुरक्षा करता है।
पानी ::-
गुर्दे की पथरी का नाशक है,
वजन घटाने में सहायक है,
कैंसर के विरुद्ध लड़ता है,
त्वचा की चमक बढाता है।
अखरोट ::-
मूड उन्नत करने में सहायक है,
मैमोरी पावर बढाता है,
कैंसर से लड सकता है,
हृदय रोगों से बचाव करता है,
कोलेस्टरोल घटाता है।
तरबूज ::-
स्ट्रोक रोकने में उपयोगी है,
प्रोस्टेट-स्वास्थ्य में हितकारी है,
रक्तचाप घटाता है,
वजन कम करने में सहायक है।
अंकुरित गेहूँ ::-
बडी आँत के कैंसर से लडता है,
कब्ज प्रतिकारक है,
स्ट्रोक से रक्षा करता है,
कोलेस्टरोल कम करता है,
पाचन शक्ति को सुधारता है।
चावल ::-
किडनी स्टोन में हितकारी है,
डायबिटीज में लाभदायक है,
स्ट्रोक से बचाव करता है,
कैंसर से लडता है,
हृदय की सुरक्षा करता है।
आलू बुखारा ::-
हृदय रोगों से बचाव करता है,
बुढापा जल्द आने से रोकता है,
याददाश्त को बढाता है,
कोलेस्टरोल घटाता है,
कब्ज प्रतिरोधक है।
पाइनैप्पल ::-
अतिसार (दस्त) रोकता है,
वार्ट्स (मस्से) ठीक करता है,
सर्दी, ठंड से बचाव करता है,
अस्थिक्षरण को रोकता है ,
पाचन क्रिया सुधारता है।
जौ, जई ::-
कोलेस्टरोल घटाता है,
कैंसर से लडता है,
डायबिटीज में उपकारी है,
कब्ज प्रतिकारक् है ,
त्वचा की शाईनिंग बढ़ाता है।
अंजीर ::-
रक्तचाप नियंत्रित करता है,
स्ट्रोक्स से बचाता है,
कोलेस्टरोल कम करता है,
कैंसर से लडता है,
वजन घटाने में सहायक है।
शकरकंद ::-
आँखों की रोशनी बढाता है,
मूड को उन्नत करता है,
हड्डियाँ बलवान बनाता है,
कैंसर से लडता है ।
🍏🍎🍐🍊🍋🍌🍉🍇ये फल आपके जीवन बहुत महत्वपूर्ण है ये ईश्वर द्वारा मानव को उपहार है पर इन सबसे ज्यादा और महत्वपूर्ण ओरिजनल डिवाइन नोनी जिसे मोरिंडा सिट्रोफोलिया कहा जाता है इसको आज के समय का संजीवनी कहा जाता है इसीलिये ये फल सम्पूर्ण मानवता के लिए वरदान है कैंसर और एड्स जैसे रोगों में भी कारगर सिद्ध हुआ है मुझे गर्व है ऐसे फल भारत की धरती में है यहाँ की नकल दूसरे देशों में हुआ पर इतना पोषक तत्व नहीं मिला |
💐💐💐💐💐💐💐
Please Pass to all your contacts.
Dr. Prakash
Chairman & CMO,
American Homoeo Clinic,
Ellam ram Chowk,
Bettiah,
West Champaran,
Contact no. 9135167135.
Bihar.
Important Health Tips: -
○Answer phone calls with the left ear.
○Don't take your medicine with cold water....
○Don't eat heavy meals after 5pm.
○Drink more water in the morning, less at night.
○Best sleeping time is from 10pm to 4 am.
○Don’t lie down immediately
taking medicine or after meals.
○When phone's battery is low to last bar, don't answer the phone, bcos the radiation is 1000 times stronger.
○Can you forward this to people you care about?
I just did,
Kindness costs nothing
But
Knowledge is power...
IMPORTANT
Don't drink Tea in plastic Cups n Dont Eat Any Food on Polythene Paper. The plastic reacts to heat n It Will Cause 52 Types of Cancers.
So, Pls. Forward to All U care.
मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) मे असफल होने के कारण कुछ कारण -
मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) मे असफल होने के कारण कुछ कारण है, जिसके चलते लोग सफलता की सीढ़ी चलने से पहले फिसल कर नीचे गिर जाते है। वह मुख्य कारण है, मल्टी लेवल मार्केटिंग के बारे मे अज्ञानता का अंधेरा होना। जैसे बिना किसी लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना, या फिर नेटवर्क मार्केटिंग मे बिना प्रशिक्षण, आगे बढ़ने के लिए जरूरी है सही नेतृत्व करने वाले योग्य लीडर की।
प्रशिक्षण का अभाव
सबसे पहले हम बात करेंगे किसी भी काम मे कदम रखने से पहले उस काम के बारे मे अच्छी जानकारी रखना व प्रशिक्षण की। लेकिन इसमे ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रशिक्षण भी उस व्यक्ति से जिसने उस बिजनेस मे हमारत हांसिल कर रखी हो व उसे प्रत्येक विषय के बारे मे जानकारी हो। क्योंकि जानकारी का अभाव होना ही आपके लिए रास्ते का पत्थर साबित होगा। जिसके कारण आप सफलता की सीढ़ी चढ़ने से पहले फिसल कर नीचे गिर जाते है।
लक्ष्य का निर्धारण
यह कहावत तो आपने जरूर सुनी होगी, शुरूआत अच्छी हो तो सब अच्छा ही होता है। लेकिन अच्छी शुरूआत करने के लिए सबसे पहले लक्ष्य को निर्धारित करें। फिर उस लक्ष्य को भेदने के लिए निरंतर प्रयास करें। इसके साथ ही एक योजना तैयार कर और उस योजना पर प्रतिदिन दो तीन घंटे काम करें, उसके पश्चात देखे जो आपने लक्ष्य रखा है उससे आप कितने दुर है। फिर उसी हिसाब प्रतिदिन समय मे इजाफा करते हुए अपना लक्ष्य चैक करते रहें। जिससे आप निश्चित ही कामयाब होने मे सफल हो पाएंगे। बिना लक्ष्य के किसी काम हाथ डालना ही असफता की कारण है।
आज का काम कल पर न छोडे
काम मे कभी भी आलसी भरा रवैया नही होना चाहिए, क्योंकि मनुष्य का सबसे बडा दुश्मन नही आलस है। जो काम आज करना है उस काम को कभी कल पर न छोडें। अगर आपने बिजनेस परपस से किसी को समय दे रखा है या फिर कोई मिटिंग रखी है तो उसे कल के भरोसे न छोडे। काम मे आलस भरा रवैया ही मनुष्य को सफलता की सीढ़ी को चुमने से रोकता है।
भय को रखे दुर
मनुष्य का दुसरा सबसे बडा दुश्मन है उसका भय। काम करने से पहले उसमे घाटा होने का भय। लेकिन जो भी काम की शुरूआत करें उसमे रिस्क तो होता ही है। लेकिन बिना जोखिम उठाए काम मे सफलता नही मिलती है। इसलिए जरूरी है सफलता पाने के लिए जोखिम उठाने कि व भय को अपने मन से दुर रखें। मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) मे भय व जोखिम के कारण 70 प्रतिशत लोग आगे नही बढ़ पाते है, और बीच मे ही छोडकर अन्य आॅप्शन की तालाश मे जुट जाते है।
नेतृत्व की कमी
अगर आप किसी ऐसे काम मे अपना हाथ आज़माने जा रहें है तो, उसके लिए जरूरी एक ऐसे लीडर या फिर ऐसे व्यक्ति की जो आपको उस काम के बारे मे अच्छी तरह से जानकरी दे सकें। व ऐसे गाइड की जो मुसीबत आने पर आपके साथ हमेशा खडा रहें। जो आपको सही दिशा मे दिखाएं व सही मार्ग चुनने के लिए आग्रह करें।
वैसे देखा जाए तो कंधों में आर्थराइटिस नहीं पाया जाता है। जब जोड़ों की सरंचना किसी कारण से प्रभावित होती है तो कंधे में दर्द होने लगता है। कंधे में दर्द होने के कारण रोगी व्यक्ति को चलने-फिरने में भी परेशानी होने लगती है।
कंधे सुन्न पड़ जाने की बीमारी 50 से 75 वर्ष की उम्र के स्त्री-पुरुषों में अधिक पाई जाती है। दर्द के कारण कंधा निष्क्रिय पड़ जाता है।
कंधे में दर्द होने का लक्षण:-
इस रोग के कारण रोगी व्यक्ति के कंधे में दर्द होता है तथा उसका कंधा सुन्न पड़ जाता है। रोगी को कंधे में अकड़न भी होने लगती है और जब दर्द तेज हो जाता है तो रोगी व्यक्ति को नींद भी नहीं आती है।
कंधे में दर्द होने का कारण:-
कंधे के जोड़ तथा इसकी संरचनाओं का तन्त्रिका वितरण मुख्य रूप में पांचवी ग्रीवा-मूल के माध्यम से होता है जो ग्रीवा-कशेरुका से निकलती है। यह कंधे की जड़ तथा ऊपरी बांह के ऊपर फैली हुई त्रिकोणिका मांसपेशी के क्षेत्र में निहित होती है इसलिए अधिकतर इसमें दर्द महसूस होता रहता है।
कंधे में दर्द होने पर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-
कंधे के दर्द को ठीक करने के लिए रोगी व्यक्ति को सबसे पहले अपने कंधे की मालिश करानी चाहिए तथा गर्म व ठंडी सिंकाई करवानी चाहिए ताकि यदि कंधे के पास की रक्त कोशिकाओं में रक्त जम गया हो तो उस स्थान पर रक्त का संचारण हो सके। इसके फलस्वरूप कंधे का दर्द ठीक हो जाता है।रोगी के कंधे के दर्द से प्रभावित भाग को सूर्य की किरणों के पास करके सिंकाई करनी चाहिए क्योंकि सूर्य की पराबैंगनी किरणों में दर्द को ठीक करने की शक्ति होती है। फिर रोगी व्यक्ति को कंधे पर ठंडी सिंकाई करनी चाहिए तथा इसके बाद उस पर मिट्टी की पट्टी का लेप करना चाहिए। इसके फलस्वरूप कंधे के दर्द का रोग ठीक हो जाता है।रोगी व्यक्ति को रात के समय में कम से कम 1 घण्टे तक ठंडा लेप कंधे पर करना चाहिए। इसके फलस्वरूप कंधे का दर्द तथा अकड़न ठीक हो जाती है।इस रोग को ठीक करने के लिए रोगी व्यक्ति को सुबह के समय में व्यायाम करने से लाभ होता है।इस रोग से पीड़ित रोगी को मांस, मछली तथा अन्य मांसाहारी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
जानकारी-
इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने से रोगी व्यक्ति का कंधे का दर्द ठीक हो जाता है।
किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए निःशुल्क परामर्श प्राप्त करें - 💐 ड़ॉ. प्रकाश. 💐 अमेरिकन होम्यो क्लीनिक, 💐 ईलम राम चौक, 💐 बेतिया - 845438, पश्चिमी चंपारण, बिहार, भारत. 👌 बात करें या व्हाट्सअप करें - 7004015174 या 👌 लिखें या ईमेल करें - americanhomeo@gmail.com
यदि आपकी किडनी खतरे में है तो - ये देगी आपको ये संकेत जिनको जानकार आप अलर्ट हो जाइये -
किडनी जो शरीर को De toxification और साफ़ सफाई के लिए इश्वर ने हमारे शरीर में दी है, हमारी गलत आदतों या शुगर या ब्लड प्रेशर की medicine या Genetic कारणों से खराब हो जाती है, मगर कई बार हमको इसका पता बहुत देर बाद पता चलता है. ये पोस्ट डालने का अर्थ आपको डराने का नहीं, बस यही है के आप समय से इस बीमारी को पहचान लें और इसका शुरू में इलाज बहुत आसान है, तो आइये जानते हैं इसके खराब के Symptoms और इसको सही करने की विधि भी जानेंगे.
किडनी फेल की होने की अंतिम स्थिति से तात्पर्य किडनी के पूरी तरह काम न कर पाने से है। यदि कोई व्यक्ति किडनी फेल होने की अंतिम स्थिति में होता है तो उसके लिए कुछ नहीं किया जा सकता। इस अवस्था में Dialysis ही एकमात्र हल होता है. Dialysis के जरिये शरीर का अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकाला जाता है.
अत: यह महत्वपूर्ण है कि जब भी आपको किडनी से संबंधित कोई समस्या आए तो आप तुरंत किसी योग्य व पेशेवर चिकित्सक की सलाह लें। यहाँ किडनी फेल होने की चेतावनी से संबंधित लक्षणों के बारे में बताया गया है।
अपने तथा अपने प्रिय लोगों के स्वाथ्य का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है अत: इन लक्षणों के बारे में जानें।
मुँह से बदबू निकलना और स्वाद भी खराब हो जाना – अगर दूसरे लक्षण नजर में नहीं भी आ रहे हैं तो यह लक्षण साफ नजर आता है। किडनी के खराब होने के कारण रक्त में यूरिया का स्तर बढ़ जाता है जिसके कारण मुँह से बदबू निकलने लगता है और जीभ का स्वाद भी बिगड़ जाता है। एडेमा: – एडेमा के पहले चरण में केवल पैरों में सूजन आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि किडनी शरीर से पानी बाहर नहीं निकाल पाती। इससे शरीर में पानी भर जाने की समस्या हो जाती है। एनीमिया: – किडनी का एक मुख्य काम शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को व्यवस्थित बनाये रखना है। दुर्भाग्य से जब किडनी फेल होना शुरू होती है तो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में कमी आ जाती है जिसके कारण एनीमिया होता है। हेमेट्युरिया: – जब किडनी फेल होना प्रारंभ होती है तो आपके मूत्र में रक्त के लाल थक्के दिखाई देते हैं। किडनी की समस्या होने पर विभिन्न लोगों को विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे मूड स्विंग्स (मूड में बदलाव), भ्रम और मतिभ्रम। पीठ में तेज़ दर्द: – यह दर्द बहुत अधिक तीव्र होता है तथा शरीर के एक ओर के पिछले हिस्से में होता है। यह दर्द पेट में नीचे की ओर होता हुआ कमर और अंडकोष तक भी पहुँच सकता है।
मूत्र त्याग में कमी: – मूत्रत्याग के समय मूत्र की कम मात्रा का आना हर बार किडनी की समस्या की ओर संकेत नहीं करता परन्तु यदि आपको ऐसा लगता है कि शरीर से निकलने वाले इस तरल पदार्थ की मात्रा में कमी आई है तो आपको चिकित्सीय परामर्श अवश्य लेना चाहिए। झाग (foam) जैसा मूत्र – मूत्र त्याग करने के बाद जब उसमें झाग जैसा पैदा होने लगता है तब यह किडनी के खराब होने के प्रथम लक्षणों के संकेत होते हैं। डॉ. के अनुसार यह शरीर से प्रोटीन के निकलने के कारण होता है जो किडनी के बीमारी के दूसरे लक्षणों में शामिल होता है। भूख कम लगना – शरीर में अवांछित पदार्थ ज़रूरत से ज़्यादा जम जाने के कारण यह लक्षण महसूस होने लगता है। दीपा जयराम के अनुसार किडनी के बीमारी के कारण दूसरे लक्षण समझ में आए न आए यह लक्षण ज़रूर नजर आता है। इसलिए जैसे ही यह लक्षण समझ में आए तुरन्त डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए। साँस लेने में असुविधा – जब किडनी की अवस्था खराब होने लगती है तो लंग्स में फ्लूइड जमने लगता है जिसके कारण साँस लेने में असुविधा होने लगती है। अनीमीआ के कारण शरीर में ऑक्सिजन की कमी हो जाती है जिसके कारण भी साँस लेने में असुविधा होने लगती है। उद्वेग: – जब किडनी फेल होना प्रारंभ होती है तो शरीर के कुछ हिस्सों में उद्वेग, कंपन या अनैच्छिक हलचल होने लगती है।
मूत्र में असामान्य और गंदी बदबू आना: – ऐसे व्यक्ति जिनकी किडनी फेल हो रही हो उनके मूत्र से मीठी और तीख़ी गंध आती है। त्वचा में रैशेज़ और खुजली – वैसे तो यह लक्षण कई तरह से बीमारियों के लक्षण होते हैं लेकिन किडनी के खराब होने पर शरीर में विषाक्त पदार्थों के जम जाने के कारण शरीर के त्वचा के ऊपर रैशेज़ और खुजली निकलने लगते हैं। मतली और उल्टी – शरीर में विषाक्त पदार्थों का स्तर बढ़ जाने के कारण मतली और उल्टी होने लगता है।
मल में रक्त आना – मल में रक्त आना भी कभी कभी किडनी फेल होने की ओर संकेत करता है।
ऐसे कोई संकेत मिले तो आप अपना GFR टेस्ट ज़रूर करवा लें. इस टेस्ट को आप नीचे बताई गयी रिपोर्ट से समझे.
समझे Kidney GFR को
जब GFR 15 से कम हो जाए तो ही डॉक्टर Dialysis के लिए बोलता है, अगर ये इस से बढ़ी हो तो डॉक्टर इंतजार करेगा, मगर आज कल डॉक्टर सिर्फ Creatinine टेस्ट करवा कर ही बोल देते हैं के Dialysis करवाओ, इसकी ज़रूरत तभी पड़ती है, जब आपका GFR लेवल कम हो जाए. अन्यथा आपको इसकी ज़रूरत नहीं.
अभी जान लीजिये इसके लिए कुछ उपचार.
सबसे पहले तो जिस रोगी को ये बीमारी है उसकी चाय और चीनी बिलकुल बंद कर दो. ये बिलकुल ज़हर के समान है, सुबह लैट्रीन जाने से पहले एक ग्लास पानी में निम्बू निचोड़ कर उसमे आधा चम्मच मीठा सोडा मिला कर पियो. अगर आपको पोटैशियम बढ़ा हुआ हो तो निम्बू मत डालिए इसमें सिर्फ मीठा सोडा मिला कर पीजिये, इसके बाद लैट्रीन जाने के बाद गोखरू कांटे वाला काढ़ा पीजिये, इसमें 50 ग्राम छोटा गोखरू डालिए, 10 ग्राम पुनर्नवा, और 10 ग्राम कासनी के बीज डालकर इसको 500 ml पानी में धीमी आंच पर 100 ml रहने तक पकाएं. इसको 50 ml सुबह पीजिये, इसके एक घंटे के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है. और यही काढ़ा शाम को सोने से एक घंटे पहले लें. और तब भी एक घंटे के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है.
और कई लोगों को पेशाब की कोई समस्या नहीं होती मगर फिर भी शरीर में सूजन होती है, इसका कारण खून की कमी भी हो सकती है. इसलिए घबराएं नहीं, बस अपनी जांच करवा लीजिये.